दर्द बढ़ के रक्खे जो हाथ सर पर तो,
अश्क़ आ जाते हैं ग़म ए दिल की पुर्सिश को.
अश्क़ आ जाते हैं ग़म ए दिल की पुर्सिश को.
मेरे हर शेर में एक कहानी है, हर कहानी मे बोहोत से क़िस्से हैं, उन किस्सों की बोहोत सी यादे हैं, उन यादो में बोह्तो के हिस्से हैं!
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